Saturday, January 31, 2009

Ibadat

हमारी आंखों ने की
आज रात को हम उन्हें तारे दिखा लाए

पास की पहाडी पर
रेत का बिछोना है
खुली आंखों ने
ख्यालों मैं लेटे
कुछ तारे इधर देखे
कुछ उधर देखे
इतने मैं हवा sarsarai
तारों से भरा आसमान दिखाई दिया
कुछ कहते हैं पीर-पैगम्बर का घर यहीं

थोड़े नमन किए
थोडी साँस ली
इबादत
हमारी आंखों ने की

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